Raibaar UttarakhandRaibaar UttarakhandRaibaar Uttarakhand
  • Home
  • Uttarakhand News
  • Cricket Uttarakhand
  • Health News
  • Jobs
  • Home
  • Uttarakhand News
  • उत्तराखंड पर्यटन
  • उत्तराखंड मौसम
  • चारधाम यात्रा
  • Cricket Uttarakhand
  • राष्ट्रीय समाचार
  • हिलीवुड समाचार
  • Health News
Reading: विरासत महोत्सव 2024 का तीसरा दिन रहा शानदार सांस्कृतिक संगीत के संग
Share
Font ResizerAa
Font ResizerAa
Raibaar UttarakhandRaibaar Uttarakhand
  • Home
  • Uttarakhand News
  • उत्तराखंड पर्यटन
  • चारधाम यात्रा
Search
  • Home
  • Uttarakhand News
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधम सिंह नगर
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • उत्तराखंड पर्यटन
  • उत्तराखंड मौसम
  • चारधाम यात्रा
  • Cricket Uttarakhand
  • राष्ट्रीय समाचार
  • हिलीवुड समाचार
  • Health News
Follow US
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Donate
©2017 Raibaar Uttarakhand News Network. All Rights Reserved.
Raibaar Uttarakhand > Home Default > Uttarakhand News > देहरादून > विरासत महोत्सव 2024 का तीसरा दिन रहा शानदार सांस्कृतिक संगीत के संग
Uttarakhand Newsदेहरादून

विरासत महोत्सव 2024 का तीसरा दिन रहा शानदार सांस्कृतिक संगीत के संग

Last updated: October 18, 2024 1:31 pm
Debanand pant
Share
14 Min Read
SHARE

देहरादून – 17 अक्टूबर 2024- विरासत महोत्सव 2024 के तीसरे दिन की शुरुआत क्राफ्ट वर्कशॉप के आकर्षण आयोजन के साथ हुई I विरासत कार्यक्रम के आयोजन ग्राउंड में दून इंटरनेशनल स्कूल की छात्राओं ने हैंड ब्रेसलेट, मिट्टी के बर्तन बनाने की विधि के साथ ही यूज़ एंड थ्रो वाली वेस्टेज वस्तुओं पर कला कृति करके उनका आकर्षण एवं सुंदर बनाना भी सीखा I स्कूली बच्चों ने विरासत महोत्सव मेले के दौरान अपने नन्हें हाथों से अनेक वस्तुओं को बनाने का शौक व जज्बा दिखाया I

क्राफ्ट वर्कशॉप में मुख्य बात यह देखने को मिली कि यहां 5 वर्षीय कुमारी अनायशा ने भी अपने नाजुक हाथों से वेस्टेज वस्तु पर कला कीर्ति कर करिश्मा दिखाया I क्राफ्ट वर्कशॉप में देवांशु जायसवाल,प्रेरणा सोनेशा, अनीशा, नव्या गुप्ता, आरोही, वंश रावत शाकिब खान, आरना पंत, तपस्या जोशी आदि ने अपने हाथों के हुनर दिखाकर जादू बिखरने में कोई कमी नहीं छोड़ी I

विरासत सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुआ एवं आज के मुख्य अतिथियों में सविता कपूर विधायक कैंट विधानसभा क्षेत्र देहरादून, सुषमा रावत डायरेक्टर एक्सप्लोरेशन ओएनजीसी, सुनैना प्रकाश अग्रवाल, बलजीत सोनी, कमलेश उपाध्याय के साथ शहर के अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

सांस्कृतिक कार्यक्रम की पहली प्रस्तुति में गोवा से आए हुए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दी।

आज की ऐतिहासिक एवं विश्व विख्यात ‘विरासत’ महोत्सव में शानदार एवं आकर्षक प्रस्तुतियों ने श्रोताओ एवं दर्शकों का मन मोह लिया I संगीत और आवाज दोनों के सुरताल मिलन से आज की संध्या ने अमित छाप छोड़ दी है I अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध गोवा के बहुभाषी गायक एल्विस गोज़ ने विरासत महोत्सव में अपनी जो प्रस्तुति दी, वह एक शानदार शाम के नाम हुई I उनके संगीत समूह के साथ-साथ गोवा के क्यूपेम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित गोवा संगीत और नृत्य मंडल केपेमचिम किरनम और गोवा के पोंडा से श्री महेश गौडे के नेतृत्व में श्री गुरु कला मंडल ने बहुत ही खूब धूम मचा देने वाली प्रस्तुति दी।

गोवा के लोक संगीत और नृत्य का मिश्रण दिखाया गया, जिससे दर्शकों को गोवा की जीवंत संस्कृति की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम की शुरुआत एल्विस गोज़ द्वारा गाए गए मूल प्रेम गीत भुर्गियापोनैलो मोग से हुई, जिसके बाद श्री जेरसन डोराडो और सुश्री देवना परेरा ने नृत्य कर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। गोवा, एल्विस गोज़ द्वारा रचित एक गीत पेश किया गया, जिसमें इस क्षेत्र की लोक लय को दर्शाया गया। एल्विस गोज़ संगीत समूह, केपेमचिम किरनम और श्री गुरु कला मंडल द्वारा फ्यूजन संगीत प्रस्तुति ने पारंपरिक और आधुनिक संगीत तत्वों को एक साथ लाया I श्री गुरु कला मंडल द्वारा महेश गौड़े के नेतृत्व में समय नृत्य प्रस्तुत किया गया तथा केपेमचिम किरनम द्वारा ऊर्जावान देखनी नाच प्रस्तुत किया गया, जिसमें श्री ग्लोरियो गोस, सुश्री देवना एल्सा परेरा तथा अन्य नर्तक शामिल थे।

एल्विस गोस ने अपना मूल हिंदी गीत दीवाना भी प्रस्तुत किया, जिसके बाद महेश गौड़े समूह द्वारा गोफ नृत्य प्रस्तुत किया गया। केपेमचिम किरनम द्वारा सुंदर मांडो नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसमें एल्विस गोस तथा सुश्री देवना परेरा नर्तकों का नेतृत्व कर रहे थे। सांस्कृतिक संध्या की श्रृंखला में सेमोरा तथा जॉयरस द्वारा कोंकणी गीत पिसो तथा एल्विस गोस द्वारा मूल कोंकणी पॉप गीत सोपनतुलिया अंजिया भी शामिल था, जिसमें जेरसन डोराडो तथा एरीटा कार्डोजो द्वारा नृत्य प्रस्तुतियां दी गईं। श्री गुरु कला मंडल द्वारा डांगर नाच तथा खारवी नृत्य ने शाम को पारंपरिक लोक आकर्षण में चार चांद लगा दिए।

इस कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण गोवा के प्रसिद्ध संगीतकार स्वर्गीय क्रिस पेरी द्वारा गाया गया प्रसिद्ध कोंकणी गीत नाचोम-इया कुम्प्ससर था, जिसे सेमोरा और जॉयरस ने गाया था। शाम का समापन एल्विस गोज़ द्वारा विरासत फेस्टिवल नामक एक मूल रचना के साथ हुआ, जिसके बोल कोंकणी, हिंदी और अंग्रेजी में थे। इसके बाद गोवा की पूरी टीम द्वारा गोवा के संगीत और नृत्य के मिश्रण के साथ एक भव्य समापन समारोह हुआ। कार्यक्रम गोवा सरकार के कला और संस्कृति निदेशालय द्वारा प्रायोजित था। कार्यक्रम की परिकल्पना और डिजाइन गोवा के कला और संस्कृति निदेशालय के उप निदेशक श्री मिलिंद माटे ने की थी और कोरियोग्राफी श्री मिलिंद माटे और एल्विस गोज़ ने की।

सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम की दूसरी प्रस्तुति में अवनीन्द्र शियोलीकर द्वारा सितार वादन प्रस्तुत किया गया । अवनीन्द्र जी ने राग यमन से कार्यक्रम की शुरुआत की और आलाप, जोड़ और झाला की मधुर प्रस्तुति से दर्शकों की तालियां बजने लगीं। उन्होंने तीन ताल में विलम्बित और द्रुत लय वाली दो बंदिशें प्रस्तुत कीं। अवनीन्द्र शियोलीकर जी के साथ तबले पर शुभ महाराज ने संगत दी।

चार पीढ़ियों के सितारवादक परिवार में जन्मे अवनीन्द्र शियोलीकर के खून में शास्त्रीय संगीत है। अवनीन्द्र ने अपने पिता श्री सुधाकर रामभाऊ शियोलीकर से अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। बाद में उन्होंने सितार के इमदादखानी घराने के एक प्रसिद्ध पंडित बिमलेंदु मुखर्जी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया। पंडित बिमलेंदु मुखर्जी के मार्गदर्शन में उन्होंने सितार की बारीकियाँ सीखीं और उनकी जन्मजात प्रतिभा ने उन्हें महानता हासिल करने के लिए आगे बढ़ाया।

उन्होंने 7 साल की उम्र में अपनी शुरुआत की और तब से कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनके प्रदर्शन की खासियत गायकी शैली पर आधारित रागों की सूक्ष्म बारीकियों की व्याख्या, लयकारी की व्याख्या और जटिल तानों का उपयोग है।

अवनीन्द्र एक परिपक्व कलाकार हैं जिनके संगीत में भावनाओं की गहरी समझ है। भारत और विदेशों में अनेक प्रस्तुतियों के अलावा, अवनीन्द्र के पास खैरागढ़ विश्वविद्यालय से संगीत में स्नातकोत्तर उपाधि है, इस संस्थान में वर्ष 1993 में उन्हें प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था। उन्होंने अनेक पुरस्कार जीते हैं, जैसे कि उन्हें भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय से प्रतिष्ठित प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति से सम्मानित किया गया।, प्रतिष्ठित अखिल भारतीय रेडियो संगीत प्रतियोगिता, सुर सिंगार संसद द्वारा “सुर-मणि” की उपाधि, भातखंडे ललित कला शिक्षण संस्थान रायपुर ने उन्हें “सुर-रत्न” की उपाधि दी। भारत के विभिन्न भागों में अनेक प्रतिष्ठित समारोहों में भाग लिया जैसे कि तानसेन समारोह, ग्वालियर। आरंभ महोत्सव स्वामी हरिदास संगीत सम्मेलन, संकट मोचन समारोह, वाराणसी। उन्हें अनेक विदेशी देशों से सम्मान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कुछ एल्बम जारी किए जिनमें से एक एल्बम “फोक फोनोग्राम ऑफ़ 2005” है, एल्बम के संगीत का उपयोग हॉलीवुड फिल्म “बून्डॉक सेंट्स II” के साउंडट्रैक के रूप में किया गया था।

मालिनी जी के प्रदर्शन की शुरुआत राग तैलंग में ठुमरी से हुई, “कादर पिया नहीं आए..” फिर उन्होंने दो बंदिशें प्रस्तुत कीं, “बलम तोरे झगरे में रैन गई..” राग कौशिक ध्वनि में और “गुजर गई रतिया..” मिश्रित राग खमाज में और पहाड़ी. दर्शकों के अनुरोध पर उन्होंने कुछ ठुमरी, कजरी और गीत भी प्रस्तुत किये। मालिनी अवस्थी जी के साथ तबले पर शुभ महाराज, हारमोनियम पर धर्मनाथ मिश्रा और सारंगी पर विनायक सहाय ने संगत दी।

मालिनी अवस्थी एक भारतीय गायिका हैं, जो अपने लोक गायन के लिए जानी जाती हैं। शास्त्रीय संगीत में प्रशिक्षित होने के कारण, वह दादरा, ठुमरी, कजरी, चैती आदि जैसे हिंदुस्तानी संगीत के विभिन्न रूपों में समान रूप से निपुण हैं।

संगीत के बारे में उनका ज्ञान उनकी ग़ज़लों और सूफ़ियाना कलामों में भी झलकता है। पद्म विभूषण विदुषी गिरिजा देवी की गंडा-बंध शिष्या, वह बनारस घराने के ‘चौमुखी गायन’ की पारखी हैं। वह अवधी, भोजपुरी, बुंदेली, ब्रज जैसी कई बोलियों में प्रस्तुति देती हैं। उन्हें 2016 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। वह वर्तमान में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज में विजिटिंग प्रोफेसर हैं।

संगीत प्रेमी परिवार में जन्मी, उनके पिता शास्त्रीय संगीत के शौकीन थे और उनकी माँ को पूरब अंग गायकी और भजन बहुत पसंद थे। यह मिश्रण आज गायिका के मधुर गायन में झलकता है। अपनी अकादमिक ट्रेनिंग के साथ-साथ उन्होंने प्रसिद्ध उस्ताद राहत अली खान से औपचारिक शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने लखनऊ के भातखंडे विश्वविद्यालय से हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। इसके साथ ही उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से मध्यकालीन और आधुनिक भारतीय वास्तुकला में विशेषज्ञता के साथ आधुनिक इतिहास में स्नातकोत्तर की डिग्री भी प्राप्त की। उन्हें अपनी दोनों मास्टर डिग्री में स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।

वह बनारस घराने की प्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिका, पद्म विभूषण विदुषी गिरिजा देवी की गंडाबंद छात्रा हैं। जो प्रिंसिपल के पद से सेवानिवृत्त हुई हैं। वह पूरे भारत में लोकप्रिय शास्त्रीय संगीत समारोहों में नियमित रूप से प्रस्तुति देती हैं। उन्होंने कई फिल्मों के लिए पार्श्व गायन किया है। वह संगीत के क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं, खासकर लोक संगीत और पूरब अंग गायकी में, उन्होंने कई जगहों पर कजरी पर कार्यशालाएँ दी हैं। उन्हें संगीत नाटक अकादमी द्वारा लोक संगीत पर विशेषज्ञ समिति का सदस्य नियुक्त किया गया था। उन्होंने पिछले 10 वर्षों से विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित कई कलाकारों को मंच प्रदान करते हुए लोक कला के प्रचार और प्रसार के लिए सोनचिरैया नामक एक संगठन की स्थापना की है।

4 हज़ार रुपए प्रति किलो वाली अफगानी अंजीर से लेकर 25 लाख रुपए प्रति किलोग्राम मूल्य वाली शिलाजीत मिल रही है अफसाना की शाही शॉप पर

लोगों के दिलों को छू लेने वाले आकर्षक एवं भव्य विरासत महोत्सव में प्रतिवर्ष जहां अलग ही आकर्षित करने वाली वस्तुएं एवं ड्राई फूड के अतिरिक्त घर, बंगलों एवं दफ्तरों को सुसज्जित करने वाला बेहतरीन से बेहतरीन तथा आकर्षित करने वाला सामान मिलता है, वही यहां पर अफगानी ड्राई फूड की एक शाही शॉप भी है, जहां पर सभी की सेहत का राज छिपा हुआ है I

रीच संस्था द्वारा आयोजित विरासत महोत्सव के मुख्य द्वार पर प्रवेश करते ही सबसे पहले नजर पड़ती है तो अफगानी ड्राई फूड की शाही शॉप पर ही पड़ती है I इस शाप की मुख्य संचालक अफसाना जी हैं I अफसाना की इस शॉप पर सभी ड्राई फूड अफगानी है और सेहत को शक्तिशाली बनाने में सभी अव्वल हैं I साथ ही ऑर्गेनिक ड्राई फूड भी शामिल है I यूं तो सामान्य तौर पर ड्राई फूड यानी सूखे मेवे सभी जगह पर मिल जाते हैं, लेकिन अफसाना की शॉप पर जितने भी ड्राई फूड हैं, वे सभी स्वास्थ्य को बहुत ही शक्तिशाली बनाने वाले हैं I सभी ड्राई फूड सेहत से मजबूत रिश्ता रखते हैं I शाही ड्राई फूड की शाही शॉप की मुख्य संचालक/स्वामी अफसाना जी से बात हुई तो उन्होंने इन सभी ड्राई फूड के रेट भी उत्साह के साथ बताए I शाही शॉप पर ₹4000 प्रति किलो अफगानी अंजीर से लेकर 25 लाख रुपए प्रति किलोग्राम शिलाजीत मिल रही है I

ड्राई फूड के रेट सुनकर आप चौंकिए नहीं, क्योंकि आपकी सेहत से बढ़कर कुछ भी नहीं है I यहां पर 25 लाख रुपए प्रति किलोग्राम विशुद्ध शिलाजीत,5 लाख रुपए प्रति किलो वाली असली केसर, 10 हज़ार रुपए प्रति किलोग्राम वाले बादाम के अलावा 6 हज़ार प्रति किलोग्राम वाली ऑर्गेनिक पिस्ता, जंगली सफेद बादाम 10 हज़ार रूपये किलो, अफगानी खजूर ₹3000 प्रति किलो, जंगली गोल्डन बादाम 8 हज़ार प्रति किलो तथा अफगानी खुमानी ₹4000 प्रति किलो है I इन सभी में असली सेहत का राज यकीनन भरोसे के साथ जुड़ा हुआ है I शॉप की स्वामी मुख्य संचालक अफसाना का कहना है कि लोगों को उनकी शाही शॉप के शाही ड्राई फूड बहुत पसंद आ रहे हैं और खरीदारी भी की जा रही है I उनका यह भी कहना है कि पिछले वर्ष भी उन्होंने विरासत महोत्सव में अपनी शॉप लगाई थी और उसमें भी ड्राई फूड की बिक्री के अलावा लोगों का भरपूर स्नेह एवं सहयोग उनको मिला था, जिसके लिए वे शुक्रगुजार हैं I

पूर्ण मकान क्षति एवं मृतकों को सीएम राहतः 5-5 लाख की सहायता राशि वितरित
मुख्यमंत्री ने आपदा राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा की
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड को सीएसआर विद ह्यूमन हार्ट के लिए “जीईईएफ ग्लोबल अवार्ड 2025” से सम्मानित किया गया
मुख्यमंत्री धामी ने वर्चुअल माध्यम से अल्मोड़ा के मां नंदा देवी मेला-2025 का किया शुभारंभ
11 अति व्यस्तम जंक्शनों पर नवीन ट्रैफिक लाइट कार्य भी हुआ पूर्णः जल्द होंगी समर्पित
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Previous Article उत्तराखंड में लेक्चरर बनने का मौका, 613 पदों पर निकली भर्ती, इस दिन से कर सकेंगे आवेदन…
Next Article उत्तराखण्ड में यूसीसी लागू करने के लिए नियमावली और क्रियान्वयन समिति ने मुख्यमंत्री को सौंपा ड्राफ्ट
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

218kFollowersLike
100FollowersFollow
200FollowersFollow
600SubscribersSubscribe
4.4kFollowersFollow

Latest News

मुख्यमंत्री धामी ने गुरूवार को वर्चुअल माध्यम से मोस्टामानू महोत्सव में प्रतिभाग किया
Uttarakhand News
August 28, 2025
खंडूरी का निधन पत्रकारिता जगत के लिए एक अपूर्णीय क्षति: महाराज
Uttarakhand News
August 28, 2025
लंबित आपराधिक वादों के त्वरित निस्तारण को लेकर डीएम ने की समीक्षा बैठक
Uttarakhand News देहरादून
August 27, 2025
स्वास्थ्य केन्द्र त्यूनी में 1 डीप फ्रीजर, 1 एक्स-रे मशीन, रेडियोलॉजिस्ट,15 रूम हीटर, 2 सेविका स्वच्छक, 05 बैंच स्थापित
Uttarakhand News
August 27, 2025

खबरें आपके आस पास की

Uttarakhand News

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद की बड़कोट तहसील के स्यानाचट्टी में आपदा प्रभावित क्षेत्र का किया स्थलीय निरीक्षण

August 27, 2025
Uttarakhand News

आवास के लिए भूखंड स्वतत्रंता सेनानियों के पीड़ितों का है हक; हरसंभव प्रयास करेगा प्रशासनः डीएम

August 26, 2025
Uttarakhand News

सीएम धामी ने दी मुख्यमंत्री घोषणा से संबंधित अनेक योजनाओं के लिए वित्तीय स्वीकृतियां

August 26, 2025
Uttarakhand News

सीएम धामी ने पलटन बाजार देहरादून में आयोजित ‘स्वदेशी अपनाओ, राष्ट्र को आगे बढ़ाओ’ अभियान का किया नेतृत्व

August 26, 2025
Uttarakhand News

ग्रामीण अंचल में गांव-गांव तक पहुंचा प्रशासन – ग्राम पंचायत बावई में आयोजित हुआ बहुउद्देशीय शिविर

August 26, 2025
Uttarakhand News

Big breaking: मुख्यमंत्री ने किया विधानसभा स्थित विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण

August 26, 2025
https://raibaaruttarakhand.com/wp-content/uploads/2025/08/Video-1-Naye-Sapne-1.mp4
Raibaar UttarakhandRaibaar Uttarakhand
Follow US
©2017 Raibaar Uttarakhand News Network. All Rights Reserved.
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Donate