शंकर सिंह भाटिया:
उत्तराखंड में खासकर गढ़वाल मंडल में भालू और गुलदार का आतंक फैला हुआ है, हालात इतने विकट हैं कि जंगली जानवरों की दहशत में लोगों के रोजमर्रा के काम भी रुक गए हैं कुल जगह तो कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए हैं, वन विभाग हाई अलर्ट पर है गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की है लेकिन इस आफत से निपटने के लिए यह पर्याप्त नहीं है जमीनी स्तर पर सरकार को कार्य करने की ज्यादा जरूरत है क्योंकि जंगली जानवरों का आतंक इस कदर फ़ैल चूका है कि लोगों की दिनचर्या तो मुश्किल में है ही लेकिन अब लोग शादी ब्याह जैसे समारोह में भीड़ जुटाने से भी घबरा रहे हैं, पौड़ी चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं जहाँ से लगातार भालू और गुलदार के हमलों में लोग मारे जा रहे हैं और जख्मी भी हो रहे हैं।
वन विभाग ने इस बढ़ते खतरे को देखते हुए अपनी क्विक रिएक्शन टीम (QRT) को अलर्ट पर रखा है और गश्त बढ़ा दी है बता दें कि पौड़ी के एक गांव में सुबह घास लेने जंगल की ओर गई दो महिलाओं ने करीब 30 मीटर की दूरी पर गुलदार को घात लगाकर बैठे देखा। उन्होंने शोर मचाया जिसके बाद गुलदार भाग गया पिछले महीने भी एक बुजुर्ग व्यक्ति पर गुलदार ने हमला कर दिया था, जिससे वो गंभीर रूप से घायल हुए थे उनका देहरादून में इलाज चल रहा है।
चमोली में भालू तीन महिलाओं पर कर हमला कर चूका है गुलदार की दहशत भी लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने दे रही है। रुद्रप्रयाग जिले में भी ऐसे ही कुछ हाल हैं ऊखीमठ के पास एक किसान पर गुलदार ने हमला कर दिया था। हाल ही में भरत सिंह चौधरी के नाम के एक व्यक्ति को भालू ने हमला कर घायल कर दिया था जिले के हर इलाके में भालू देखे जा रहे हैं। जिले के जाखधार, खाड़ी और ऊखीमठ क्षेत्रों में कई गांवों के लोगों ने वन विभाग को लिखित शिकायत भेजी है गांवों के पास स्थित जंगलों में गुलदार की बढ़ती मूवमेंट को लेकर लोग दहशत में हैं।
उत्तरकाशी में भटवाड़ी, पुरोला और धनारी क्षेत्रों में भी जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ गई है बता दें कि कुछ दिन पहले पुरोला में एक घर के आंगन में लगे पेड़ से भालू फल खाने के लिए उतर आया। इस घटना ने आसपास की बस्तियों में दहशत फैला दी। भटवाड़ी ब्लाॅक के रैथल गांव के निवासी हरीश कुमार पर भालू ने हमला कर घायल कर दिया। ग्रामीणों ने घायल को एम्बुलेंस की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भटवाड़ी में भर्ती किया। इसी महीने सेकू गांव निवासी 70 वर्षीय एक महिला पर भालू हमला कर दिया था।
आखिर जंगली जानवरों के हमले क्यों बढ़ रहे हैं? इसका जवाब तो वन विभाग ही सटीक रूप से बता सकता है लेकिन कह सकते हैं कि जंगलों में भोजन की कमी या जंगल कुछ अन्य बदलाव प्रमुख कारण हो सकते है लेकिन मौसम में बदलाव अत्यधिक ठंड भी वजह माना जा रहा है हालांकि वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि मानव गतिविधि बढ़ने से प्राकृतिक आवास का सिकुड़ना, कोने-कोने तक सड़क पहुंचने और वनों के ऊपर हेलीकॉप्टरों की गड़गड़ाहट भी वन्य जीवों के विचलित होने के कारण वन्य जीव अब ग्रामीण प्रवेश में भी पहुँच चुके हैं, शोर शराबा उनके लिए कोई नई बात नहीं बची है।


