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पिता का सर से हटा साया लेकिन बेटी ने सेना में लेफ्टीनेंट बनकर बढ़ाया गौरव

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पिता का सर से हटा साया लेकिन बेटी ने सेना में लेफ्टीनेंट बनकर अपने परिवार का नाम रोशन किया है। वैसे तो उत्तराखंड की बेटियों की बहादुरी और साहस के किस्से तो आपने सुने ही होंगे लेकिन बनबसा के चंदनी ग्रामसभा की रहने वाली कोमल चंद सुपुत्री स्वर्गीय देवेंद्र चंद ने वह कारनामा कर दिखाया जो आज एक बार फिर से उत्तराखंड की नारी सम्मान को और बल देता है। कोमल चंद ने भारतीय सेना में लेफ्टीनेंट बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

कोमल अब सेना की मेडिकल नर्सिंग सर्विस में लेफ्टीनेंट बनकर देश की सेवा करेंगी। चंदनी निवासी कोमल की आरंभिक शिक्षा ग्लोरियस एकेडमी से हुई जिसके बाद उसने इंटरमीडिएट की परीक्षा बनबसा एनएचपीसी स्थित केवि क्रमांक दो से उत्तीर्ण की। बीएससी के दौरान ही चयन होने पर उसने दिल्ली स्थित आर एंड आर (रिसर्च एंड रिफर इंस्टीट्यूट) हास्पिटल से चार वर्ष का नर्सिंग कोर्स पूरा किया।

25 सितंबर को उसे सेना की मेडिकल नर्सिंग सर्विस के लिए चुना गया। उसके घर पर मां के अलावा एक भाई नितिन चंद है। नितिन अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर है जो भारतीय सेना में बाक्सिंग कोच भी है। सर से पिता का साया हटने के बाद भी कोमल ने अपने परिवार के सपने को साकार किया और देश की सेवा का प्रण लेकर निरंतर कदम आगे बढ़ाये। आज बेटी की सफलता पर पूरा बनबसा गर्व कर रहा है। कोमल की इस कामयाबी पर सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं की बाढ़ आ गई है।

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