बागेश्वर: ढपटी गांव में खड़िया खनन से पैदा हुई आफत ने ग्रामीणों की दहशत बढ़ा दी है। बागेश्वर जिले के ढपटी गाँव में खड़िया खनन से नुकसान तो हो ही रहा है लेकिन खान मालिकों की लापरवाही भी ग्रामीणों के मुसीबत का कारण बनी हुई है। बारिश के मौसम में लोग डर के साये में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।

दरअसल, मानसून के समय खनन बंद रहता है। इस दौरान सभी खान मालिकों को खदान क्षेत्र में बने गड्ढों को अनिवार्य रूप से भरना होता है। यह खनन करने वालों के लिए अनिवार्य नियम होता है, लेकिन इस गांव में खड़िया की खान के गड्ढों को अभी तक भी नहीं भरा गया है जिसकी वजह से बारिश से गड्ढे तालाब बन गए हैं।
ग्रामीणों के आने-जाने वाले रास्ते क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। गांव के बच्चे इन वहां नहाने के लिए चले जाते हैं जिसके कारण हादसा होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने इस मामले में उप जिलाधिकारी महोदय को ज्ञापन भी सौंपा लेकिन उनके द्वारा किसी भी तरह की कार्यवाही अभी तक नहीं की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि खड़िया खानों में बरती जा रही लापरवाही ग्रामीणों के लिए खतरे बना हुआ हैं वहीं तालाबों में पानी भरने के कारण भूस्खलन होने की संभावना बनी हुई है गांव के 25 घर खतरे में हैं। रात को बारिश के आसार बनते ही ग्रामीणों की नींद उड़ जाती है। ग्रामीणों ने इस मामले सरकार से कार्यवाही करने की मांग की है।


